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हमे आज भी सस्ती चिजो का शौक नही सपने बेचने वालो की खामोशीया भी उनके लफ्जो से ज्यादा महँगी होती है |

Monday, June 12, 2017

कॅशलेस गैस रिफिलिंग नई पहल / cashless gas refilling new initiative



दोस्तो लगभग ८० प्रतिशत घरो मे आज गैस के चुलो पर खाना पकाया जाता बडे  महानगरो मे गैस कि पाईप लाईन से गैस घरो तक पाहुचाई जाती है मगर छोटे शहरो ओर कस्बो मे तो सिलेंडर के जरीये ही गैस पहुचाई जाती है गैस कि सबसिडी भी बँक खाते मे जमा हो जाती है लेकीन गैस कनेक्शन लेना हो या गैस रिफील कराना हो तो आज भी हमे ज्यादातर कॅश पैसे ही देणे पडते है लोगो मे जनजागृती कि जरुरत होनी चाहिये हर गैस एजन्सी के पास एक POS मशीन होना जरुरी जिसके द्वारा लोग अपनी रकम उन्हे सके ज्यादातर गैस एजन्सी के पास मशिने ही नही है अगर है तो वो लोग उनका इस्तमाल ही नही करते गैस सिलेंडर पहुचाने वाले लोग भी सिर्फ कॅश मांगते है आज देश काफी तरक्की कर चुका है हमने अक्सर देखा है कि एक सिलेंडर कि किमत कभी भी पुरे आकाडो मे नही होती मगर सिलेंडर डिलीवरी करने वाले हमेशा पुरे पैसे ले जाते है अगर सरकार सक्ती करे ओर उनके पास wireless POS मशीन दे तो ग्राहक के पास हमेशा विकल्प रहेगा कि वो अपनी सिलेंडर कि सही राशी मशीन मे स्वेप कराकर ज्यादा पैसे देने से बच जाये इससे गैस ग्राहको का फायदा तो होगा गैस एजन्सी को भी भारी मात्रा मे जमा होनेवली राशी कि दिक्कत भी नही होगी गैस एजन्सी को भी रोजाना बँक मे पैसे जमा करणेही पडते है साथ ही साथ कॅशलेस बँकिंग होणे से सरकार कि बडी समस्या हाल हो जायेगी नोटो का निर्माण रखरखाव इसमे खाफी समय ओर पैसा सरकार का जाता है इस परीयोजना से सरकार को ये भी पता चल जायेगा कि कितने गैस ग्राहक सही मायनो मे अपनी गैस का रिफील स्वयं करते है साथ ही साथ आधार कार्ड भी लिंक हो जाना चाहिये सही मायनो मे सही ग्राहक ही सिलेंडर का सबसिडी के जरीये पता चले एक अनुमान के अनुसार आज भी की ऐसे लोग है जो अपने गैस के कार्ड किसी ओर को दे देते है ओर उन्हे पट ही नही होता कि उनके नाम से कोण गैस का लाभ ले रहा है मेरा ऐसा मानना है कि हम जब अपना गैस बुक करते है तो हमे मोबाईल पर msg आ जाता है साथ ही साथ उसकी किमत भी तय हो जानी चाहिये ओर लिखकर आ जानी चाहिये ताकी जब भी सिलेंडर हमारे घर पर आये हमे उसकी किमत पहले से ही पता हो जिस दिन सिलेंडर हमारे घर मे डिलिवरी हो तब POS मशिन से हम उतनी ही राशी गैस एजन्सी के खाते मे तुरंत जमा कर सके POS मशीन आधार कार्ड से लिंक हो ताकी हमारे परिवार का कोई भी सदस्य जब भी अपने ATM कार्ड से गैस रिफील का भूकतान करे तो हमारा थम्ब वेरिफ़िकेशन होना जरुरी हो इससे गैस एजन्सी कि मनमानी ओर डिलिवरी करणे वालो पर अंकुश लाग जायेगा यदी हम एक उदाहरण के तौर पर देखे तो देश मे एक सिलेंडर पर कम से कम ३ रु ज्यादा छुटे ना होणे कि कारण देणे पडते है २५००० जनसंख्या वाले गाव मे तकरीबन २०० सिलेंडर बाटे  जाते है  ६०० रु ऐसे ही चले जाते है गणित लागाया जाये तो देश मे करोडो रुपिया इन गैस एजन्सी वालो के पास जाता है सरकार को कोई कार्गर कदम उठानाही चाहिये ताकी हम लोग जो सरकार को पाई पाई हिसाब देकर tax भरते है ये उनकी लुट खुले आखो से हो रही है अगर आप सहमत है तो जरूरSubsribe करे या Comment लिखे
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