देश के हर जिल्हे मे एक जिल्हाधिकारी उच्च स्तर का अधिकारी होता है और १०० से भी ज्यादा उनसे नीचे काम करने उच्च पद वाले अधिकारी होते है | लगभग वर्ग १ और वर्ग २ के अधिकारियो को संविधानिक अधिकार के तहत कार्य अधिक गती से हो और सुलभ तरीके आवागमन के लिये सरकार की तरफ से एक वाहन दिया जाता है | जिसकी देखभाल का खर्च भी हर साल सरकार की तरफ से किया जाता है | लेकीन आज भी हजारो ऐसे वाहन भंगार मे पडे है जिनकी न कोई देखभाल हो रही है न ही कोई इस्तमाल हो रहा है | ऐसे वाहनो से सरकार को कोई फायदा नही हो रहा है | सरकारी वाहनो को चलाने के लिये चालको की जरुरत होती है | उनकी भी अपनी निजी मुश्किले होती है | सरकार को अब सरकारी वाहन खरीद कर किसी भी अधिकारी को देणे की जरुरत नही होनी चाहिये | जिल्हे मे एक टेंडर निकालना चाहिये जिसके तहत जिल्हे के वो सभी अधिकारी जो विद्यमान समय मे वाहन का उपयोग करते हो उनके वाहन का रख रखाव किसी कंपनी को दे देना चाहिये | साथ ही साथ जिस किसी भी कंपनी को यह टेंडर दिया जा रहा हो उस कंपनी को २ प्रतिशत नये वाहन रिजर्व रखने होंगे जीससे किसी भी अधिकारी का वाहन रिपेरिंग के लिये आता है तो उन्हे उसी समय वाहन दिया जा सके | यदी कोई दुर्घटना भी होती है तो वाहन की कमी किसी भी अधिकारी को नही होगी | साथ ही साथ सभी चालाको को भी किसी परेशानी का सामना नही करना पडेगा | नये कानून के तहत सभी वाहनो की सप्ल्याय , देखरेख और चालक इन सभी की देखरेख कंपनी करेगी | इससे नये रोजगार के अवसर भी मिलेंगे | युवा और उवतीयो को कम मिलेगा | सभी महिला अधिकारीयो को महिला चालक दिये जाने चाहिये | इससे भी सरकार मे महिलाओ को रोजगार के नये अवसर मिल जायेंगे साथ ही साथ महिला अधिकारी को भी एक महिला का साथ मिल पायेगा |

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