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हमे आज भी सस्ती चिजो का शौक नही सपने बेचने वालो की खामोशीया भी उनके लफ्जो से ज्यादा महँगी होती है |

Wednesday, July 28, 2021

कोरोना तुम कब जाओगे / Corona tum kab jaoge



vinod dahare

दिसंबर 2019 के अंत में दुनिया में कोरोना का जन्म हुआ। फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है की उसका जन्मदाता कोन है. लेकिन कई तर्कों और अध्ययनों के बाद यह पता चला की कोरोना का जन्म चीन में हुआ है। कई लोगों के अनुसार, कोरोना नामक बीमारी आज भी इस दुनिया में मौजूद नहीं है। क्योंकि जो अदृश्य और अविश्वासी होते हैं उन्हें आसानी से पहचान नहीं मिलती। साल 2021 में अब शहरी इलाको के साथ ग्रामीण इलाकों में भी कोरोना बीमारी की मौजूदगी महसूस की जा रही है. यह बीमारी अब बुजुर्गों के साथ-साथ युवा और मध्यम आयु वर्ग के लोगों को भी प्रभावित कर रही है। अचानक से सांस लेने में तकलीफ होने लगती है और एक-दो दिन में ही कुछ मरीजों को अपनी जान गंवाने की नौबत आ जाती है ऐसी भीषण तस्वीर नजर आने लगती है.ग्रामीण इलाकों में भी कुछ लोग कोरोना के अस्तित्व को मानने को ही तैयार नहीं. इसका कारण भी बडा ही दिलचस्प है क्योंकि कुछ लोग इनमें से किसी भी चीज का पालन नहीं करते हैं जब तक की उन्हें उस नेता द्वारा स्वीकार नहीं किया जाता है जिसे उन्होंने स्वीकार किया है और व्यवहार में लाया है, जैसे की आम लोगों ने एक समीकरण अपनाया है। जहां लोगों को कोरोना नियमों में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए और कहीं भी जमा या भीड़ नहीं करनी चाहिए कोरोना के लक्षण समय समय पर बदलते नजर आ रहे है | 
कोरोना की पहली लहर ऑगस्ट २०२० मे जब आई थी तब वृद्ध लोगो पर इसका जबसे ज्यादा असर पडा दिखाई दे रहा था | बार बार खासी आना , बुखार आना ,बदन मे दर्द आना ,कमजोरी होना ऐसी अनेक लक्षण हमे कोरोना के दिखाई दिये मगर तेज बुखार और खांसी ये सबसे ज्यादा असरदार लक्षण हमे कोरोना मे देखने मिले| यदी किसी को बुखार आ जाता या थोडा खासता तो भी लोग दूर हो जाते है आज भी छोटी सी खासी भी आदमी को आदमी से दूर कर देती है इतना खौफ कोरोना का है | 

कोरोना की दुसरी लहर मे जब एप्रिल २०२१ मे जब लहर आ गई तब यह जवान लोगो पर भी हावी होता दिखाई दिया था | वृद्धो के साथ साथ जवान लोगो की मौते भी बडे पैमाने पर देखी गई | इसमे लोगो को सांस लेने तकलीफ होती है सामान्य इन्सान की ऑक्सिजन लेवल ९५ के उपर होती है मगर कोरोना मे ये देखा गया है जिसकी ऑक्सिजन लेवल ९५ के नीचे आ गई उन्हे बहार से ऑक्सिजन देना पडता था | सरकारी आकडे देखे जाये तो ऑक्सिजन नही मिळने से किसी की भी देश मे मृत्यू नही हुई है | 
१६ जनवरी २०२१ से पुरे देश मे कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हो गया देश के मुख्य दो कंपनी यो ने इसमे बडा योगदान दिया |  

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