आज भी हमारे देश मे सरकारी वाहनो को बिना किसी के रोकटोक के अपने निजी कामो के लिये उच्च स्तर के अधिकारी काम मे लाते है | ऐसी बहुत सी शिकायते आम जनता रोजाना करती है | अब उन शिकायतो मे कितनी सच्चाई है ये तो वो अधिकारी और उस वाहन को चलाने वाले चालक को ही पता होती है | बहुत ज्यादा मात्रा मे देश के हजारो वाहन आज भी सडको पर चलाने के लायक नही है | उसके अनेको कारण हो सकते है मगर सरकारी धन काफी मात्र मे मिट्टी से दोस्ती किये आज भी दिखाई देता है | अनेक कार्यालायो मे पुरानी जीप, ट्रक और मेटाडोर काफी मात्रा मे धूल खा रहे है | वर्तमान स्तिथी सेवा मे जो वाहन है उन्हे कुछ अधिकारी सरकारी काम के साथ साथ अपने निजी कामो मे भी उपयोग मे लाते है | जिसकी वजह से वो वाहन समय से पहले ही खराब हो जाते है | जिसकी मरम्मत के लिये भी काफी मात्रा मे सरकारी धन खर्च होता है | कभी कभी तो जरुरत के समय सरकारी वाहन काम मे भी नही आता | और वो वाहन केवल और केवल एक दिखावा बन जाते है | सरकारी वाहनो को दुरुपयोग बंद होना ही चाहिये | इसके लिये जब भी कोई सरकारी वाहन सरकार की तरफ से दिया जाता है तब उसमे जीपीअस प्रणाली होनी ही चाहिये | जिसकी रख रखाव और देखभाल की जिम्मेदारी उस अधिकारी के उपर ही देना चाहिये | यदी जीपीएस प्रणाली बंद हो तो उस वाहन को न चलाने की सक्त हिदायत देनी ही चाहिये | जीपीएस प्रणाली की वजह से वह सरकारी वाहन कितनी बार किस जगह जा रहा है ये पूर्ण रूप से डेटा मिल जाता है | या उस वाहन की लोकेशन तुरंत पता चले | उस वाहन पर होनेवाला खर्च भी पता चल सकेगा | जीपीअस प्रणाली होने के वजह से काफी हद तक सरकारी वाहन निजी कार्य के लिये अधिकारी या अन्य पदाधिकारी न ही उपयोग मे ला सकेंगे | साथ ही साथ सभी सरकारी वाहन एक सर्वर सिस्टम पर चलाने की व्यवस्था होनी चाहिये वाहन चालक के पास मोबईल सिस्टम होगा जीसपर वाहन को कहा से कहा जाना है इसकी सूचना देनी होगी जगह की सूचना देणे पर अधिकारी के रजिस्टर मोबाईल नंबर पर एक ओटीपी आयेगा जिसे सिस्टम मे डालते ही वाहन की सूचना व रेकार्ड अपने आप सिस्टम ले लेगा | महिने भर मे वाहन कहा से कहा चला है और डीझल, पेट्रोल ,ओईल की खपत का सही अनुमान भी सिस्टम ही बता देगा | वाहन मे जीपीएस प्रणाली होणे से वाहन का रख रखाव भी सही तरीके से हो सकेगा | वाहन चालक को भी कोई मानसिक समस्या नही होगी वो भी खुले मन से अपनी जबाबदारी का वहन करेगा |

No comments:
Post a Comment