देश के सभी राज्यो मे से एक महाराष्ट्र ये भी बडा राज्य है | पंचायत राज व्यवस्था मे स्थानिक विकास के लिये ग्राम स्तर से ग्राम पंचायत ,पंचायत समिती,जिल्हा परिषद ऐसी कार्यालय व्यवस्थाये होती है | हर जिल्हे मे एक जिलाधिकारी ,जिल्हा परिषद कार्यालय होता है | तहसील क्षेत्र मे तहसील और पंचायत समिती कार्यालय होता है | आम जनता अपनी शिकायते या सुझाव रोज इन कार्यालयो मे लिखित तौर पर जमा करते है | मगर बडे पैमाने पर उनकी लिखित शिकायते कचरे के डीब्बे मे रोजाना फेकी जाती है | उनकी शिकायतो को नजर अंदाज किया जाता है | अनेको शिकायते वरिष्ठ स्तर के अधिकारी के पास तो पहोचती ही नही | मौजूद व्यवस्था मे कार्यालय मे एक कर्मचारी जो दिनभर आते जाते पत्रो का लेखाजोखा रखता है किसी प्रकार की शिकायत उस कर्मचारी देकर अपने कागज पर उसकी सही और मोहर लगाकर वही तक आम जनता को सुकून मिलता है | वहा से उस कागज का क्या होता है ये सभी जानते है | मगर बहोत जल्द सरकार कोई ऐसी कार्यप्रणाली लागू करे जीससे आम जनता द्वारा की जाने वाली किसी समस्या या सुझाव का निराकरण या उस समस्या के निराकरण हेतू उसकी दिशा या सही स्थिती का आकलन समय समय पर हर किसी को हो सके | हर सरकारी कार्यालय मे जो भी डाक विभाग होता है वहा एक संगणक होना चाहिये जिसके साथ एक स्कॅनर भी हो सरकार या उस संस्था द्वारा एक संगनकिय प्रणाली भी विकसित होनी चाहिये | शिकायत या पत्र को स्कॅन करणे के बाद शिकायत कर्ता का नाम और पत्ता एक मोबाईल नंबर देणे पर शिकायत रजिस्टर हो जायेगी | शिकायतकर्ता के मोबाईल पर शिकायत रजिस्टर नंबर आने पर उसकी स्थिती का आकलन वो करता रहेगा| काम के निर्धारित समय पर काम होता रहेगा | पत्र को जिस कर्मचारी या अधिकारी के पास जितने समय पर पहोचना है उसकी निर्धारित समय सीमा के तहत यदी वो काम नही होता तो उसकी जानकारी समय समय पर सिस्टम द्वारा शिकायतकर्ता या वरिष्ठ अधिकारी को मिलती रहेगी | जीससे कार्यालय मे अटके और रुके पडे कार्यो की जानकारी वरिष्ठ स्तर के अधिकारी को मिलने से काम की गती बढेगी | जो कर्मचारी या अधिकारी अपने निहित समय पर काम नही करता उसपर प्रशाशकिय कार्यवाही होती रहेगी | साथ ही साथ काम मे पूर्ण रूप से शुद्धता भी आ जायेगी | यह प्रणाली जिल्हे के तौर पर काम करेगी हर कार्यालय के संगणक इंटरनेट से जुडे होने से हर कामचारी को अपना एक लॉगीन और पासवर्ड मिल जायेगा जीससे उन्हे भी काम करणे मे आसानी हो जायेगी | अपने काम की जानकारी भी समय समय पर मिलने से काम का बोझ भी कम हो जायेगा | इस प्रणाली से झिरो पेंडन्सी का लक्ष पुरा हो जायेगा| वरिष्ठ स्तर के अधिकारी भी तुरंत काम की समीक्षा कर सकेंगे | आज हमारे देश मे चुनाव आयोग नये मतदाता ओ के नये चुनाव पहचान पत्र बनने की स्तिथी का आकलन आम जनता को दे सकता है तो सभी सरकारी कार्यालयो मे अपनी शिकायत या सुझाव की स्थिती जानने का हक हर आम नागरिक को है | इसके लिये केवल इच्छाशक्ती की जरुरत होती है |

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