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Wednesday, August 18, 2021

वेतन का 30% वेतन पत्नी या मा के खाते मे मिलेगा / Vetan ka 30 % Vetan Patni Ya Ma ke khate me Milega


vinod dahare
सरकारी कर्मचारी और खुशी ये अवधारणा समाज में आज आम हो गई  है। एक बार सरकारी नौकरी मिल जाने के बाद  आप आसानी से समाज में एक रसुखदार स्थान पा सकते हैं। परिवार अपनी सभी इच्छाये पूर्ण करणे के लिये  निश्चित हो जाता है ,वेतन लगभग सभी इच्छाओं और अपेक्षाओं को पूर्ण करने के लिए पर्याप्त होता है। अगर आर्थिक नियोजन सही है तो कोई बात नहीं। लेकिन अगर जीवन में आर्थिक नियोजन गलत हो जाता  है तो परिवार बड़ी मुसीबत में पड़ जाता है। पुरुष प्रधान संस्कृति में, लगभग 90% पुरुष कर्मचारी परिवार के मुखिया,चालक होते हैं। इसलिए उनका परिवार उनके वेतन पर ही निर्भर होता है। असाधारण परिस्थितियों में ऐसे कर्मचारियों के लिए यह मामला है, जीन्होने अपना आर्थिक जीवन बिगाड दिया हैकाफी कर्मचारी अपने वेतन की तुलना में बिना किसी वित्तीय नियोजन के कर्मचारी पतसंस्था या बँक से भारी मात्रा मे कर्ज ले लेते है । अपने व्यसन के लिए या किसी अनुचित कार्य के लिये कर्ज लिया जाता है। और संपूर्ण जीवन कर्ज चुकाने मे चला जाता है। कभी-कभी रचनात्मक और विधायक कार्यों के लिए कर्ज लिया जाता है। धन संपदा या बच्चो के शिक्षा के लिये  या घर के निर्माण के लिए, जरुरत के हिसाब से कर्ज लिये जाते हैं और समय रहते चुकाये भी जाते है | आम तौर पर इस उम्मीद के साथ कर्ज लेने की योजना बनाई जाती है की साल में कम से कम एक बार वेतनवृद्धी बढ़ेगी और महंगाई भत्ते मे दो साल मे दो बार वृद्धि होगी। लेकिन कोरोना ने महंगाई वूर्द्धी को रोक दिया है। यह सरकार के लिए तय करने का समय है की कर्मचारियों को कितना कर्ज लेना चाहिए। इसके लिये कानून भी बने है | मगर उन कानून की तरफ आज अनदेखी हो रही है | कर्मचारी भविष्य निधि या अंशदायी पेंशन योजना का हिस्सा वेतन का कम से कम 6% और अधिकतम 10% तक होना चाहिए। बीमा कम से कम 5% और अधिकतम 10% तक होना चाहिए। मेडिक्लेम इसका हिस्सा होना चाहिए। आयकर कटौती कम से कम 3% से अधिकतम 5% प्रति माह होनी चाहिए। व्यापार कर और समूह बीमा तथा अन्य सरकारी कटौतियाँ नियमानुसार होती ही हैं। लेकिन एक बात सभी को बतानी चाहिए की सहकारी पतसंस्था और बैंकों द्वारा दिए गए कर्ज के लिए वेतन कटौती वेतन के 35% से अधिक नहीं होनी चाहिए। दरअसल, नया कर्ज लेते समय अगर कर्ज 35 फीसदी से ज्यादा काटा जाता है तो अधिकारी को कर्ज आवेदन को मंजूर नहीं करना चाहिए। एक और महत्वपूर्ण बात यह है की वेतन मंजूरी देने वाले अधिकारी को कर्मचारी के कुल वेतन का 30% वेतन अन्य कटौतियों में सख्ती से कटोती करना चाहिए। ३० % वेतन को परिवार पालन-पोषण निधि के रूप में माता,पर्त्नी ,बहन या उसके द्वारा निर्दिष्ट किसी व्यक्ति के बचत खाते में मासिक रूप से जमा किया जाना चाहिए। इससे कर्मचारी के परिवार को किसी भी प्रकार के आर्थिक संकट का सामना नही करना पड़ेगा । इसलिए सरकारी नियमानुसार कर्मचारी को कुल वेतन का 40% वेतन भी मिल सकेगा | परिवार का माहौल खुशनुमा बना रहेगा। कर्ज लेने की राशी कम हो सकती है | अपनी गलतीयो के कारण भारी कर्ज लेकर आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मचारी भविष्य में आत्महत्या करना बंद कर देंगे। भविष्य के लिए वित्तीय साक्षरता और वित्तीय योजना होनी चाहिए। परिवार सुरक्षित रहेगा कर्मचारी के वेतन से कुल वेतन का 30%  वेतन पत्नी के खाते मे मिले जीवन में हर किसी को अपने वेतन की योजना आर्थिक रूप से बनानी चाहिए | भविष्य में कोरोना जैसा दूसरा संकट कभी आ सकता है | वह कब आयेगा इसका कोई अनुमान नही सकता ।www.vinoddahare.blogspot.com


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