Wellcome

हमे आज भी सस्ती चिजो का शौक नही सपने बेचने वालो की खामोशीया भी उनके लफ्जो से ज्यादा महँगी होती है |

Friday, August 13, 2021

पत्नी पति से उम्र में छोटी क्यों होनी चाहिए / Patni Pati se umr me choti kyo honi chahiye

vinod dahare

साथियो आपने हमेशा ये देखा होगा की भारत के सभी राज्यों के साथ सभी धर्म, जाती , पंथ और आदिवासी प्रजाती में भी शादी के समय पति पत्नी के बिच कम से कम पाच साल का अंतर होना चाहिए पति की उम्र से पत्नी की उम्र पाच साल तक छोटी होनी चाहिए ऐसी समाज में मान्यताये आज भी लागु है | क्यों ऐसी मान्यताये आज भी समाज में लागु है | क्या कारण होता है की आज बड़े बुजुर्ग लोग लडको के तुलना में लड़की की उम्र छोटी हो तो ही शादी की रजामंदी देते है | ज्यादातर संबधो में यही दिखता है की शादी के वक्त लड़की की उम्र लडके के उम्र से कम ही होती है | कभी कभी बहोत ही कम लोगो में शादी के समय पुरुष के मुकाबले स्त्री की उम्र बड़ी होती है | आज कल के युग में लडकिया अपने जीवन को लेकर बड़ी ही संवेदनशील हो गई है और अपने करियर को लेकर भी बड़ी संवेदनशील हो गई है | पढाई करने वाली लडकिया अक्सर शादी की उम्र में अपने करियर को सवारने में लग जाती है | और जब करियर में आना मुकाम हासिल हो जाता है तो वो काफी बड़ी उम्र की हो जाती है | बड़ी उम्र की लड़कीयो से ज्यादातर लोग शादी नही करना चाहते उसकी भी एक वजह होती है | उम्र में बड़ी लडकियों में माँ बनने की क्षमता बहोत कम होती है ऐसे बताया जाता है | बड़ी उम्र की लडकिया यदी माँ भी बन जाये तो उनके द्वारा होने वाले बच्चे आंशिक तौर पर विकलांग हो सकते है ऐसे अनुमान आज भी समाज में है | इसके शास्त्रीय कारण सत्य है भी या नहीं इसका पता अनसंधानकर्ताओ नही लगाया है | पराने ज़माने में परिवार बड़े बुजुर्ग लोग अपने लडके और लडकियो की शादी तय करते थे | किसी भी तरह के शादी में लड़की लडके से उम्र में बड़ी नही होती थी | जब किसी लड़की की उम्र बहोत ज्यादा हो जाती थी तब वो या तो आजीवन अविवाहित रह जाती थी या तो उसका विवाह किसी विधुर से हो जाता था मगर दिन में सबके सामने ऐसे विवाह नही होते थे | समाज में एक परम्परा थी नियम थे कानून थे जो समाज के सभी वर्ग को चाहे न चाहे मानने ही पड़ते थे | आज समय के साथ समाज भी बदल गया है | लडकिया उच्च शिक्षित हो रही है अपने नए आयाम चुन रही है | इसलिए शादी को प्राथमिक दर्जा न देते दुय्यम दर्जा दे रही है | अपने पैरो पर खड़े होकर कुछ नया कर गुजरने का सपना संजोये बैठ है इसलिए परिवार के सदस्य चाहे न चाहे लडकियों की शादियों में उम्र का फासला बढ़ता जा रहा है | क्यू आज भी बुजुग लोग चाहते है की शादी में लड़के की उम्र लड़की की उम्र से पाच साल छोटी होनी चाहिए | इसके कुछ शास्त्रीय कारण भी है जिनके बारे में हम चर्चा करेंगे | साथियो लडकियों के शारीर में निरंतर कुछ ऐसे बदलाव होते रहते है जिससे वो काफी कम उम्र में बड़ी दिखने लगती है | लडकियों के शरीर में काफी मात्रा में ऐसे हार्मोन्स होते है जो उसकी परिपक्वता को बढ़ाते है | पुरुष की तुलना में स्त्री का शरीर नाजुक दिखाई देता तो है मगर वास्तविकता में वो बड़ा ही मजबूत होता है इसलिए पुरुष के बदले स्त्री ज्यादा समय तक  उम्र में जीवित रहती है | आज के समय में लडकिया या स्त्रिया अपने फिगर को मेंटेन करने के लिए लम्बे समय तक ब्यूटी पार्लर का सहारा लेती है | काफी मात्रा में ऐसी दवाईयों का सेवन करती है जिससे उन्हें अपने आप को मेंटेन करने में सहायता मिलती है |   शादी के लिए लड़के के उम्र से लड़की की उम्र पाच साल छोटी होनी चाहिए ऐसा इसलिए करते है की लडकिया कम उम्र में ही समजदार हो जाती है | लडकिया बड़ी ही भावनाप्रधान भी होती है | साथ ही साथ अपने जीवन साथी के प्रति आत्म समर्पण की भावना इन लडकियों में ज्यादा होती है | माना जाता है की अगर शादी के समय यदी लड़की लडके से उम्र में बड़ी हो तो उनके विचार आम तौर पर नहीं मिलते और परिवार में वाद विवाद होते है | जैसे की एक सरीके दिखने वाले दो बर्तन में से एक बर्तन में पानी भर दिया जाये और दुसरे में लोहे के छोटे गोल तुकडे भर दिए जाये तो वस्तुतः लोहे के टुकड़ो का वजन ज्यादा होगा | इस तरह शादी के समय लड़की की उम्र यदी लडके के उम्र से ज्यादी होगी तो वास्तविकता में वो लड़की ज्यादा समजदार और सुलझी भी होगी | उसका होने वाला पति इस बात को शायद समझ नहीं पायेगा और परिवार में वाद विवाद ज्यादा होते है | सभी प्रकरणों में ऐसा नही होता | पर अपने से उम्र में ज्यादा लड़की के साथ शादी किये गए प्रकरणों में अनुसन्धान किया गया तो ज्यादातर मामलों में उनकी परिवार में बनी नहीं है ऐसे तथ्य सामने आ गए है | शादी करने वाला हर इन्सान ये आपने लिए एक ऐसी पत्नी चाहता है जो उसको और उसके विचारो को समझे उसको हमेशा भावनात्मक रूप से साथ दे | इसलिए शादियों में उम्र को सबसे ज्यादा महत्त्व दिया जाता है | कुछ अनुसन्धान से ये भी पता चला है की केवल पति के उम्र से पत्नी दो साल छोटी होने का अंतर जिन पति पत्नी में पाया गया है उनमे काफी खुशहाल जीवन वो लोग बिता रहे है | इसके विपरीत पति के उम्र से पत्नी की उम्र ज्यादा होने वाले जोड़ो में काफी नाराजगी और पारिवारिक झगड़े पाए गए है | साथियो आज के ज़माने में लडके लडकिया अपना जीवनसाथी स्वयं चुनते है | काफी परिवारों में ये अधिकार उन बच्चो को दिए गए है | परिवार की रजामंदी का उसके बगैर भी शादिया हो जाती है मगर बड़ी मात्रा में वो शादिया टूट जाती है | साथियो अब जानते एक शास्त्रीय कारण जिसके वजह से आज भी लडकियों की उम्र लड़को से कम होने पर शादिया की जाती है क्या है वो कारण ? तो चलिए जानते है वो कारण 
साथियो इतिहास के पन्नो को पलटकर देखे तो आचार्य चाणक्य ने स्त्री पुरुष संबधो और विवाह के बारे में ऐसी शास्त्रीय बाते बताई है जो आज के काल में मानव विज्ञान ने भी स्वीकार कर ली है | चाणक्य के कहने के अनुसार स्त्री में पुरुष के बदले आठ गुना ज्यादा कामशक्ति कामुकता होती है | जिसे अनुपात में देखा जाये तो स्त्री की पूर्ण चरणसिमातक शारीरिक संतुस्ठी शायद ही कोई पुरुष पूर्ण रूप से कर सके मगर मगर स्त्री के उम्र के हिसाब से कम से कम 3 से 5 साल बड़ा पुरुष स्त्री की शरीरीक जरुरत कुछ अंश तक पूर्ण कर सकता है जिससे वो काफी समाधानी हो सकती है | इसलिए ज्यादातर इस बात पर वर्षो से ये कहा गया है की पति पत्नी में 5 साल का अंतर होना ही चाहिए | यदी हम दूसरी और से देखे तो पुरुष की तुलना में स्त्रिया ज्यादा आयु तक जीवन जीती है | इसलिए पत्नी को पति की उम्र से पाच साल कम से कम छोटी होनी चाहिए | शारीरिक रूप से देखा जाये तो पुरुष के मुकाबले स्त्री की प्रजोत्पादन की क्षमता उम्र के कम होती है |  इसलिए भी विवाह के समय भी दोनों में उम्र का अंतर सबसे पहले देखा जाता है | उम्र में काफी बड़े पुरुष के साथ कम उम्र की लड़की या स्त्री की शादी को निषिद्ध माना जाता है | www.vinoddahare.blogspot.com

No comments: