हर इन्सान कभी न कभी जीवन विमा करवाता हैं. उसके लिये उसे हमेशा पैसे चुकाने पडते हैं. जिस दिन आप पैसे प्रीमियम भरणा बंद कर देते हैं उस दिन से आप कि जीवन विमा कि रिस्क बंद हो जाती हैं. उसी तरह हर सरकारी कर्मचारी कभी न कभी कर्ज लेता हैं ओरु उसे समय पर चुकता भी हैं मेरे सुझाव मे कर्ज ओर बिमा मे एक ऐसा तत्व हो सकता हैं जीससे किसी भी सरकारी कर्मचारी को कर्ज पर किसी भी प्रकार का ब्याज नहि देना पडेगा. उदाहरण के तौर पर यदी किसी सरकारी कर्मचारी को किसी भी निजी कारण से ५ लाख रुपियो का कर्ज यदि कोई बिमा कम्पनी देती हैं तो वो तुरंत हि ५ लाख रुपियो का बिमा करा ले ताकि यदी कर्मचारी कि मृत्यु हो जाती हैं तो उसकी मिलने वाली राशी से कंपनी अपनी कर्ज कि राशी प्राप्त कर सके यदि कर्मचारी जीवित हैं तो वो अपनी कर्ज कि राशी कंपनी को समय समय पर देता रहेगा उदाहरण के तौर पर यदी कोई कर्मचारी ५ लाख रुपियो का लोन लेता हैं तो उसे १ साल के लिये १ लाख रुपिये या ६ महिनो के लिये ५० हजार या ३ महिनो के लिये २५ हजार या हर माह ८५०० रुपिये कंपनी को online या वेतन से कंपनी को Repayment के तौर पर देणे होंगे. कर्ज ५ साल के लिये होगा जैसे हि आप अपनी पहली किश्त कि रकम १००००० रुपये जमा करेंगे अगले हि दिन आपके खाते मे कर्ज के ५ लाख रुपिये जमा हो जायेंगे. एक साल तक आपको कोई भी Repayment नहि करना होगा अगले साल से निहित समय समय पर कर्जे कि रकम वापस करणी हि होगी यदि कोई कर्मचारी अपने निहित समय पर कर्ज कि किश्त नहि भरता तो उसके वेतन से अगले माह से पैसे कंपनी को जायेंगे ५ साल पुरे होते हि कंपनी के पुरे पैसे वसूल हो जायेंगे यदि किसी कर्मचारी कि कर्ज लेणे के १ साल के भीतर मृत्यु हो जाती हैं तो कंपनी को उस कर्मचारी द्वारा जमा किये गये १००००० लाख रुपियो का फायदा होगा यदि किसी कर्मचारी कि कर्ज लेणे के २ साल के भीतर मृत्यु हो जाती हैं तो कंपनी को उस कर्मचारी द्वारा जमा किये गये २००००० लाख रुपियो का फायदा होगा यदि किसी कर्मचारी कि कर्ज लेणे के ३ साल के भीतर मृत्यु हो जाती हैं तो कंपनी को उस कर्मचारी द्वारा जमा किये गये ३००००० लाख रुपियो का फायदा होगा यदि किसी कर्मचारी कि कर्ज लेणे के ४ साल के भीतर मृत्यु हो जाती हैं तो कंपनी को उस कर्मचारी द्वारा जमा किये गये ४००००० लाख रुपियो का फायदा होगा यदि किसी कर्मचारी कि कर्ज लेणे के ५ साल के भीतर मृत्यु हो जाती हैं तो कंपनी को उस कर्मचारी द्वारा जमा किये गये 5००००० लाख रुपियो का फायदा होगा . जीवित कर्मचारी को आयकर मे ८० c के तहत छुट भी मिलती रहेगी . यदि कर्मचारी कि मृत्यू इस बीच नहि होती तो भी कंपनी को फायदा ही होता हैं इस बीच कोईं कर्मचारी नौकरी छोड भी देता हैं या निलंबित भी होता हैं तो उसको मिलने वाली सरकारी राशी से कंपनी अपना कर्ज वसूल कर सकती हैं www.digitalmaharastra.blogspot.com

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