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हमे आज भी सस्ती चिजो का शौक नही सपने बेचने वालो की खामोशीया भी उनके लफ्जो से ज्यादा महँगी होती है |

Monday, February 19, 2018

लडकी हिरा ही होती है / girl is a diamond



एक दिन एक मिडिल क्लास परिवार के १६ वर्षीय लडकी ने अपने पिता से शिकायत करते हुवे कहा पिताजी मुझ पर बहुत सारी बंदिशे हर तरफ से लगी हैं मैं दर रात तक भैय्या के जैसे अकेले आ जा  नहि सकती, अपने मन मर्जी से कपडे पहन नहि सकती, ओर वो सब नहि कर सकती जो ओर लडकीया बडे आनंद ओर मजेसे करते हैं. मुझ पर हि सारी बंधीशे क्यो ? बेटी के इस तर्क पर मा निशब्द ओर बेजान सी हो गई. पिता अपने पुरे परिवार बिना कहे साथ लेकर बाजार मे गये. सामने उन्हे एक लोहार कि दुकान दिखी लोहार के दुकान के सामने काफी लोहे का तयार समान पडा था ओर काफी नया समान वो बना रहा था. बडे बडे घनो से इधर उधार देखकर भी सिर्फ गरम लोहे के भाग को पिट रहा था ओर चीजे बना रहा था उसकी मेहनत से उसे काफी पसीना आया था वह दृश्य दिखाकर पिता ने लोहार से जानकारी पायी के उसके काम का कोई समय निर्धारित नही होता हैं जब चाहे तब वो काम करता हैं थोडी दर बाद सभी को पास कि हि एक सोने कि दुकान पर ले गये वहा एक कारागीर सोने के आभूषण बना रहा था सोने को गरम करके फिर पाणी मे थंडा करके हि आभूषण बना रहा था. उसकी सारी चीजे अपने आस पास हि कांच के अंदर बडी हि सुरक्षितता से रखी दिखी अपनी एकाग्रतासे कारागीर हिरा जडित सोने का आभूषण बना रहा था.सुनार से जानकारी मिली के काम का समय निश्चित होता हैं वरना चोरो का भय होता हैं. दोनो दृश्य दिखाने के बाद सभी घर वापस आ गये ओर पिताजी बोले बेटी तुम मेरा हिरा जडित सोने का आभूषण हो मुझ सुनार के यहा बनी सोने का गहना हो तुम्हे तुम्हारे संसारिक जीवन तक सहेजकर सम्भालकर रखाना मेरा फर्ज हैं. हमारी पहचान ,तुम्हारे संस्कार तुम्हारे कपडो से पहचाने जाते हैं. तुम दोनो भाई बहन  चाह्कर भी अपने आप को उस लोहार के समान नहि कर सकते. हर मौल्यवान चीज को हिफाजत ओर अनुशासन कि जरुरत होती हैं.
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