आज देश मे हर जरुरत की वो चीज जो बिकती है. उसपर एक किमत तय होती है. जिसे लोग M.R.P. कहते है जिसका मतलब यहि होता है के Maximum Reatil Price ( ज्यादा से ज्यादा किमत) सरकारी कानून के तहत उस चीज के रेपर के लिखे किमत से १ पैसा भी ज्यादा किमत दुकानदार नहि ले सकता. कंपनी अपना माल बनाकर रेटेलर तक अपने वितरक को के माध्यम से पहुचाती है. हर रिटेलर M.R.P. से चीजे आम ग्राहको को बेचते है. M.R.P. मे सरकार का Tax भी आता है. कई कारणो से सरकार का Tax चोरी हो जाता है. कंपनी अपने पास जो माल बनाती है उस माल का पुरा हिसाब कंपनी के पास तो होता है मगर फिर भी सरकार को उस माल पर मिलने वाला पुरा Tax नही मिल पाता. क़्यो कि देश मे ऐसी कोई व्यवस्था हि नही है के निर्माण कि गई वस्तू जब आम नागरिक के पास जाती है ओर उस नागरिक ने अपने कमाई का कूच हिस्सा देशहित मे Tax के रूप मे दुकानदार को दिया. मगर सरकारी खामियो कि वजह से वो सरकार तक नही पहुच पाया. या तो वो रिटेलर या कंपनी इनमे से किसी एक ने Tax कि चोरी की है. इस लिये मेरा ऐसा मानना है देश मे ऐसी एक प्रणाली आनी चाहिये के हर कंपनी जो किसी भी चीज का उत्पादन करती है उसे दो चीजे करनी चाहिये पहिली ये कि हर चीज पर बारकोड होना चाहिये दुसरी M.R.P अंको मे लिखित ना होकर बारकोड मे मुल किमत ओर सरकारी Tax अलग अलग लिखकर कुल राशी ओर काल मर्यादा मुद्रित होनी चाहिये. हर दुकानदार को श्रेणी के माध्यम से चीजो के वर्गीकरण के अनुसार कोड स्कॅनर इलेक्ट्रानिक प्रिंट मशीन देनी चाहिये जो बिजली ,बैटरी ओर सोलर पर कार्य करे. हर चीज का कोड स्कॅन कराकर चीज कि सही किमत के साथ बिल प्रिंट हो सके. साथ मे जब भी चीजो के दाम कम या ज्यादा हो जाये तो हर कंपनी सरकार द्वारा निर्धारित साफ्टवेअर अपडेट करे जीससे लोगो को सही समय पर सही चीजे सही दामो पर मिल सके. बिल मे मुल किमत के साथ G.S.T.भी लिखकर आयेगी इससे सरकारी आंकडे भी पता चलेंगे . सरकारी विक्री कर विभाग के अधिकारी जब भी किसी दुकान का मुआयना करेंगे तो वो मशिन का data चेक कर लेंगे हर साल मशीन को रजिस्टर चेकिंग होनी चाहिये. हर चीज पर बार कोड होना हि चाहिये. नारीयल भी किसी पेकिंग मे सील हो सकता है यदी काम सही तरीके से हो. दुकान मे बेची जाने वाली चीज पर जब बार कोड होगा तो वो कंपनी जरूर सरकार के खाते मे रजिस्टर होगी. नकली माल बनाने वाले लोगो पर अपने आप अंकुश लग जायेगा. जिस भी दुकानदार के दुकान मे बिना बार कोड के समान मिलेगा उसकी दुकान सील कि जायेगी. बिल मिलने से आप आदमी खुश होगा ओर सही काम करने वाला दुकानदार भी इमानदारीसे अपना बिझनेस करेगा. बडे कम्पनी कि नकल बनाने वालो पर लगाम लग जायेगी अच्छे ओर गुणवत्ता पूर्ण समान बनेगे ओर मिलेंगे. समय समय पर ली गई चेकिंग से कंपनी द्वारा उत्पादित माल ओर लोगो द्वारा खरीदा गया माल इसका पता चल सकेगा. इससे सबसे ज्यादा फायदा खाद्यान्न पर होगा क्यो की निर्धारित समय सीमा से उपर जब कोई चीज आउट ऑफ डेट हो जायेगी तो मशीन बिल न निकलकर आउट ऑफ डेट की पर्ची प्रिंट करेगी ओर ऐसी चीजे ग्राह्को को नही दी जायेंगी. इससे आम जनता का फायदा होगा. किसी भी कंपनी का वितरण विभाग चीजो की स्कॅनिंग सरकारी खाते मे पहले हि कर चुके होंगे इसलिये विक्रीकर विभाग के अधिकारी जब भी किसी दुकान मे चेकिंग के लिये जायेंगे तब वो चीज सरकारी खाते मे रजिस्टर है या नही इसका पता चल जायेगा. इससे नकली समान बनाने वाली कंपनी या कर चोरी करने वाली कंपनी का पता लागना आसान हो जायेगा. लोग या दुकानदार उस वक्त तक इसका विरोध जरूर करेंगे जब तक ये अनिवार्य ना हो या कीसी गलत चीज से उसको स्वयं नुकसान ना हो. www.digitalmaharastra.blogspot.in

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