साथियो महाराष्ट्र एक विधायक जो राज ठाकरे की मनसे पक्ष की विचारधारा पर महाराष्ट्र विधानसभा के विधायक बन गए थे जिन्हे गोल्डन मैन कहा जाता था रमेश वांजळे हमेशा अपने बदन पर ढाई किलो सोना पहनते थे। लेकिन यकायक एक पल में अनजाने में मौत ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। पल भर में जिंदगी जीरो हो गई। लगभग ४५ वर्ष की आयु में राजीव सातवजी जो महारास्ट्र से खासदार थे और राहुल गाँधी के एकदम करीबी जाने थे इनको दुनिया छोड़ कर जाना पड़ा | आधी दुनिया पर विजय प्राप्त करने वाले सबसे महत्वाकांक्षी व्यक्ति सिकंदर ने अपने अंतिम समय मे सहयोगियों से क्या कहा था , मेरी मृत्यु के बाद मेरी तीन इच्छाये पूरी करना मेरे सारे धन को रास्तो के दोनों बाजु में बड़े बर्तनो में भरकर रखना लोगो को दिखे ऐसे रखना मेरी अर्थी को कन्धा मेरे सबसे होशियार हाकिम ही देंगे और सबसे महत्वपूर्ण बात की उसकी शवपेटी में से उसके दोनों हात खुले निकले हो और हवा में झूलते हो ताकी उसका सन्देश सारी दुनिया को जाये इंसान मरने पर साथ कुछ नहीं ले जा सकता है | कितना भी बड़ा वैद्य या हकिम क्यों न हो वो मृत्यु से नहीं बचा सकता | और जो धन है वो जीवित रहने पर ही काम में आता है यही रह जाता है | और वो चला गया। फ्रांस के सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट, अपार धनी व्यक्ति की वाटरलू जेल में बड़ी निर्दयता पूर्ण मृत्यु हो गई । द्वितीय विश्व युद्ध छेड़ने वाले जर्मन सम्राट एडोल्फ हिटलर को जीवन के अंतिम समय में आत्महत्या करनी पड़ी थी। इराक के सम्राट सद्दाम हुसैन ने इराक पर शासन किया। जितना नहीं चाहता था, उतनी दौलत इकट्ठी कर ली। आखिरकार अमरीका ने उसे फांसी पर लटका ही दिया | अपने पिता (शाहजहां) को बंदी बनाकर और अपने भाइयो की हत्या करके मारकर सत्ता हासिल करने वाले आखरी मुग़ल बादशाह औरंगजेब की समाधि आज किसी की नजर में भी नहीं है। उसके कर्मों के कारण आज उसके वजूद को विलुप्त होने का समय आ गया है। लोगों ने डरे हुए बेनेटो मुसोलिनी को एक पेड़ से लटका दिया और उसके शरीर पर थूक दिया। लुई सोलहवें, जो फ्रांसीसी शासन के अधीन था, लोगों द्वारा "निष्कासित " किया गया था।कार्ल मार्क्स को सर पर उठाने वाले लोगों ने आखरी समय में उनकी प्रतिमाओं को तोड़ डाला। अपनी एक्टिंग से दुनिया को हंसाने वाले चार्ली चैपलिन का अचानक निधन हो गया। दुनिया ने करोड़ों रुपये की दौलत और सारी जनता जिसे अम्मा कहती थी उस मां जयललिता का निधन भी लोगो ने अपनी ही आँखों से देखा । अपने अभिनय और खूबसूरती से अच्छे लोगों को मंत्रमुग्ध करने वाली एक्ट्रेस मर्लिन मुनरो और भारतीय फिल्म जगत की सौंदर्यावती श्रीदेवी को पता ही नहीं चला की शराब के अतती सेवन से जीवन का आखिरी पल कब गुजर गया और कब मौत ने अपने आगोश में लिया इसका उन्हें पता भी नहीं चला | .मनोरंजन के माध्यम से लोगों के जीवन पर राज करने वाले राजेश खन्ना, विनोद खन्ना, भगवान दादा, ए के हंगल, परवीन बाबी, माला सिन्हा की मृत्यु को जरा याद करें तो पता चलता है की इनके पास सब कुछ होकर भी ये लोग जीवन बचाने के लिए कुछ नहीं कर सके । इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, प्रमोद महाजन, विलासराव देशमुख, गोपीनाथ मुंडे, आर आर पाटिल की मृत्यु को भी याद करें। क्या कमी है ? कुछ नहीं, है ना ? कहने का उद्देश्य यही है, पद, दौलत पर कभी अभिमान मत करना। जीवन कितना भी शानदार क्यों न हो, लाश को उसी सफ़ेद कफ़न के कपड़ों में ढोया जाता है। 'कफ़न कभी ब्रांडेड नहीं होता।' किसी भी कम्पनी का कफ़न आज तक नहीं निकल पाया है | और शायद नहीं निकलेगा | आमिर गरीब सभी के लिए उस समय जो मिले बस उसी कफ़न का उपयोग होता है | आपके पास जो है उसका सदुपयोग करें। लोगों के लिए उपयोगी बनें। पद और पैसा आज है शायद कल रहेगा या नहीं किसी को पता नहीं होता ।लेकिन इंसान ने जो इंसानियत जीवन में हासिल की है वो हमेशा साथ देगी। आपके पास मौजूद धन और शक्ति को अधिक महत्व न दें। समंदर के बिच खड़े आवारा जहाज में चाहे कितना भी पैसा या धन हो, प्यास बुझाने के लिए पानी ही लगता है और समंदर में हजारो लीटर पानी होता है मगर उससे प्यास नहीं बुझाई जा सकती । जमीन से जुड़े रहें। क्योंकि आसमान में ऊंची छलांग लगाने वाले पंछी जानते हैं की आसमान में आराम करने का कोई ठिकाना नहीं है। संपत्ति और पद का कभी अभिमान न करे दुरुपयोग न करें। एक कहानी है कभी ज़माने में कोई धर्म की किताब लेकर आया था जमीने हमारी थी किताबे मजहबी किताबे उसके हाथ में थी समय बदला देखा की धर्म हमारे हाथ में थी और जमीने उनके पास थी | आखिर जिंदगी भी खूबसूरत है, दूसरों के लिए खुशी से जियो और सबको जीने दो | अगर आप किसी का काम अपने हाथों से कर रहे हैं, तो निस्वार्थ भाव से और बिना झिझक करे | जीवन में कम से कम इरेज़र बनने की कोशिश करो। निःस्वार्थ भाव से सदैव दूसरों की सहायता करो, कभी भी ऐसा कार्य मत करो जिससे दूसरों को कष्ट हो | सभी कस्टो से मुक्ति पाने का एक ही एकमात्र उपाय है मृत्यु । जहां अंत में सभी को जाना है | वहां जाने का तो रास्ता है मगर पीछे वापस आने का कोई रास्ता नहीं | मनो तो जिंदगी हमेशा हमेशा खूबसूरत होती है पर समय रहते अपनी इच्छा के लिए दुःख पाने हे पड़ते है | कभी पद कभी पैसा कभी अहसान तो कभी अघोरी आनंद के लिए इंसान दुःख के मार्ग पर चलता पर चलता है । किसी ने सही कहा है आज का सुख कल के दुःख का कारण बनता है यदि किसी वास्तु वस्तु प्राणी पक्षी या मानव से यदी आज अपेक्षा से ज्यादा प्रेम और आनंद आ रहा है तो यकीनन उससे कल बहोत गुना ज्यादा दुःख ही मिलेगा | पद और सम्पति का नशा वर्तमान के लिए उस सफ़ेद बदल के जैसे होता है जो दिखने में सुंदर होगा , जिसका अस्तित्व तो होता है मगर कभी बारिश नहीं होती वो जब भी कार्यान्वित होगा बिजली ही गिरायेगा नुकसान ही करेगा | आज वर्तमान में हम जिन लोगो को भगवान की तरह मानते है क्या वो उतने पूजनीय है इसकी समीक्षा की जरुरत है | काफी लोग राजनैतिक स्वार्थ के लिए राजनैतिक लोगो के पीछे अपना जीवन निछावर कर देते है मगर जीवन के अंतिम समय में वही लोग जब आपके काम नहीं आते तब स्वयं पर लज्जा होती है | इतिहास में हमें ऐसे ऐसे उदहारण मिलते है की हॉलीवुड हो या बॉलीवुड हो अनेको सितारो ने कई साल जिन लोगो के दिलो पर राज किया खूब पैसा कमाया मगर जीवन के अंतिम समय में न पैसा काम आया न नाम काम आया |
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