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हमे आज भी सस्ती चिजो का शौक नही सपने बेचने वालो की खामोशीया भी उनके लफ्जो से ज्यादा महँगी होती है |

Saturday, August 21, 2021

लक्ष पूर्ण करने के लिए त्याग जरुरी होता है / laksh purn karne ke liye tyag jaruri hota hai


vinod dahare

मनुष्य अपने जीवन में किसी न किसी प्रकार का रोजगार जीवन यापन के लिए करता है। बहुत कम लोग सरकारी नौकरी कर पाते हैं। ज्यादातर लोग अपना स्वतंत्र व्यापार करना पसंद करते हैं। कई लोग अपना छोटा मोटा काम धंधा भी करते हैं। बहुत सारे व्यवसायी किसी न किसी बात से परेशान हैं की किसी वजह से उनका व्यवसाय ठीक से नहीं चल रहा है या उन्हें हमेशा व्यापार न बढ़ने की चिंता है। आज हम आपको एक बाइक मैकेनिक की कला का अनुभव बताएंगे की कैसे उसने अपने साथ-साथ अपने और अपने मैकेनिक दोस्तों की मदद की है। सूरज नाम का
22 साल का एक युवक देहात से शहर में काम सिखने आया था। उसे वाहनों में बहुत रुचि थी, इसलिए उसने  बाइक रिपेयरिंग का काम सीखा, काफी सालों तक वो एक बड़े गैरेज में काम सीखता और करता रहा उसके साथ कई अन्य लड़के भी वहां काम करते थे। सभी ने एक ही जगह एक ही गैरेज में काम सिखा और काम सीखकर फिर अपने अपने गांव चले गए। लंबे समय बाद सूरज भी अपने गाव चला गया उसने अपने घर से ही वाहनों की मरम्मत का काम शुरू किया, लेकिन उसे वह सुख और आनंद नहीं मिल रहा था जो वह चाहता था | उसने अपना मन बना लिया और एक दिन शहर चला आया । पहचान से उसने एक जगह कमरा किराए पर लिया । बाइक का गैरेज खोला लेकिन उसने अपने मन ही मन एक बात तय कर ली थी की वो समय आने पर वह भूखा रहेगा, लेकिन एक केवल एक ही कंपनी होंडा की बाइक के रिपेरिंग के लिए काम करेगा। इसलिए उसने होंडा कंपनी की बाइक का काम करने का फैसला किया और उसी तरह का दुकान का बोर्ड लिखा। दुकान पर एक ग्राहक आया जिसके पास बजाज कंपनी की बाइक थी उसने उसे रिपेरिंग करने से इंकार किया और थोड़े ही दूर पर जो गैरेज था उसकी और जाने को कहा | कुछ समय तक तो ये सब देखकर बाइक ग्राहक बड़े ही हैरान हो गए | कुछ देर बाद  एक बाइक पर दो लोग आये थे उनकी बाइक में थोडा सी कुछ खराबी थी उसकी भी बाइक का काम करने से सुरज ने मना कर दिया एक ने पूछा ऐसा क्यों ? क्या तुम काम नहीं करते ? या तुम्हे बाइक का काम आता ही नहीं | सभी बाइक तो एक सरीखी होती है सूरज ने बड़ी विनम्रता से कहा की मै केवल एक ही कंपनी होंडा की बाइक की मरम्मत करने का नियम बना लिया है |जब तक मै काम करूँगा इसी कंपनी की बाइक के लिए ही काम करूँगा | ग्राहक कुछ ही दूरी पर उस गैरेज में काम करने चले गए। थोड़ी देर बाद एक ग्राहक अपनी टीवीएस कंपनी की बाइक हाथ में लेकर आया  शायद उसकी बाइक की चैन टूट गई थी और हाथ में वो अपनी बाइक को लेकर आया था पसीने से लतपथ हो गया था | सूरज ने उसी बात को दोहराया | ऐसा करके उसे एक दिन में केवल एक बाइक का काम मिला था | काफी कम पैसे उसे मिले थे | अगली सुबह वही टीवीटीएस वाला ग्राहक हाथ में अपनी बाइक लेकर आया पसिने से लथपथ था उसने फिर से अपनी बाइक को रिपेरिंग के लिए कहा सूरज ने विनम्रता से समझाया लेकिन वह बहुत जल्दी में था, बहुत मिन्नत करने लगा। लेकिन जब सूरज ने माफी मांगी तो वह भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा। अचानक भीड़ जमा हो गई। लोग इकट्ठे हुए बहुत सारे लोगों ने कहा कि सूरज को उसके बाइक का काम करना चाहिए। लेकिन सूरज अपने फैसले पर अडिग था। किसी तरह मामला शांत हुआ। लोग शहर में सूरज की बात करने लगे। उसका अपने बात पर अडिग रहना लोगो को पसंद आया लोग यहां अपने वाहन की मरम्मत करना चाहते थे। अब बड़ी संख्या में लोग अपने होंडा कंपनी के वाहन गैरेज में लाने लगे। काम काफी ने बढ़ गया था। अब सूरज को अकेले से काम नहीं होता था । इसलिए उसने एक लड़के को अपने साथ काम पर  रखा। उसे भी काम सीखने का शौक था। बहुत जल्द वह लड़का काम में निपुण हो गया। सूरज ने अपने बगल में ही एक कमरा किराए पर लिया। उस लड़के से कहा की यह तुम्हारा गैरेज है, यहां तुम केवल बजाज कंपनी के वाहनों का ही काम करोगे । जिस दिन तुम अपने काम से भ्रमित हो जाओगे, उस दिन तुम्हे यहाँ से काम छोड़कर कहीं और जाना होगा। और इस तरह दो कंपनी की बाइक्स के गैरेज खुल गए, काफी लम्बे समय तक नए लड़कों ने सूरज के गैरेज काम सिखा । इस तरह सभी कंपनी की सभी बाइक्स के गैरेज भी धीरे धीरे एक ही जगह खुल गए और बड़ी संख्या में बाइक का काम करने वाले लड़के अपने क्षेत्र में निपुण हो गए। अब धीरे-धीरे सूरज ने लोगों को एक ही कंपनी की ओरिजिनल सामान खोलने के लिए शहर में प्रेरित किया । इसी तरह की दुकानें शहर में खुलीं। लेकिन जिस तरह एक कंपनी के वाहन के लिए गैरेज काम करता था, उसी तरह एक दुकान में केवल एक कंपनी के वाहन का सामान मिलता था । शहर में किसी की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। सब अपनी-अपनी जिंदगी में खुशी-खुशी जी रहे थे। किसी भी क्षेत्र में काम हो तो सबसे बढ़िया हो तो जीवन सुखमय हो जाता है।www.vinoddahare.blogspot.com

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