भारत मे जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे तब वो हमेशा कहते थे की केंद्र सरकार अपने योजनाओ मे गरीबो के लिये 100 रुपये का प्रावधान करती है तो केवल १५ रुपये ही उन गरीबो तक पहोच पाते है या कभी कभी तो किसी योजना मे वो भी नही पोहच पाते है | समय रहते राजीव गांधी ने जरुरत को समाज लिया और देश को विकसित करणे हेतू उदारीकरण की नीती को अपना लिया | साथ ही साथ डिजिटल प्रणाली की भी शुरुवात कर दी | उस जमाने मे जब लोग तारो वाले फोन से बात करते थे | उस समय बिना तारो का फोन मोबाईल हर किसी के हात मे हो ऐसी धारणा राजीव गांधी के मन मे थी | राजीव गांधी की मौत इस देश की सबसे बडी हानी थी जो आज भी भरकर नही निकाली जा सकती है | समय बदलता रहा डिजिटल क्रांती होती रही और गरोबो के लिये नई योजनाये सरकारे लाती रही | पर इन सभी योजनाओ मे एक खामी हमेशा रही | जो हर किसी को पता थी मगर शायद किसी ने भी इस खामी को कम करणे की कोशिश नही की | अगस्त 2021 मे एक योजना जिसे सरकार RUPI कहती है जिसके माध्यम से वह खामी जो गरीबो को मिलने वाले लाभ को संपूर्णता पूर्ण करेगी | क्या है केंद्र सरकार ये RUPI योजना तो चलिये जाणते है कुछ उदाहरण के माध्यम से | सथिओ सरकार आपको किसी एक लाभ के लिये कुछ रुपये देना चाहती है जैसे की आपके पास २ एकड उपजाऊ खेती है और सरकार आपको उसके लिये खाद और दवाई लेने के लिये 10000 रुपये देना चाहती है आज तक सरकार लोगो को ये आर्थिक मदत किसान के बँक के खाते मे दे देती थी | किसान भी बँक जाकर उस नगद राशी को निकाल कर कभी कभी अपने निजी कामो मे लगा लेता था | ऐसा कुछ सर्वेक्षणो से पता चला है | मगर अब केंद्र सरकार ने जो RUPI योजना आम जनता के लिये लाई है उसमे ऐसा होगा की सरकार जिस किसान को 10000 रुपये देणे होंगे उस किसान का बँक खाता जिस बँक मे है उस बँक को उस किसान के लिये 1000 हजार या 500 रुपये के कुल किमत के बार कोड या स्कॅन कोड QR कोड बनाने के लिये कहेगी बँक 1000 हजार या 500 रुपये के कुल किमत के बार कोड या स्कॅन कोड QR कोड बनायेगी और किसान के मोबाईल पर 1000 हजार या 500 रुपये के कुल किमत के बार कोड या स्कॅन कोड QR कोड भेज देगी | इस प्रक्रिया मे 1 कोड की 3 डिजिटल प्रतीया बनेंगी जिसमे से एक कोड किसान के मोबाईल पर तुरंत आ जायेगा दुसरा उस क्षेत्र के लिये निर्धारित सभी दुकानदार के पास चला जायेगा और तिसरा बँक के पास रहेगा | किसान जैसे ही किसी खाद के दुकान पर जाकर खाद और दवाई खरीदेगा वो अपने पास के उतने रुपये के कोड दुकानदार द्वारा स्कॅन हो जायेंगे और दुकानदार के खाते मे उतने पैसे तुरंत बँक द्वारा जमा हो जायेंगे | दुकानदार तुरंत सिस्टम द्वारा बना बिल भी दे देगा | इससे सरकार द्वारा दी गई मदत उसी कामो मे लगेगी जिस काम के लिये QR कोड बनाये जायेंगे | यदी कोई किसान ऐसा चाहता है की मै किसी शोरूम मे जाता हु और अपने लिये उस पैसो से अपने और अपने परिवार के लिये कपडे खरीद लाता हु तो ऐसा नही हो पायेगा | सरकार ने वो मदत सिर्फ खाद और दवाई के लिये दी है न की कपडे खरीदने के लिये | यदी किसी भी प्रकार का कोई विवाद हो जाता है तो बँक जाकर निपटारा हो जायेगा | इस सुविधा का लाभ लेने के लिये किस भी प्रकार के ANDRAED मोबाईल की जरुरत नही होगी | साधे मोबाईल पर मेसेज द्वारा भी QR कोड नंबर के तौर पर मिल जायेगा जो दुकान पर मान्य होगा | समय सीमा के तहत यदी कुछ QR कोड किसी किसान की तरफ से दुकान तक नही पहोच पाते तो उस परिस्थिती मे उस किसान को सरकारी मदत की जरुरत नही है या किसी कारण वश वो सुविधा का लाभ नही लेना चाहता ऐसा मानकर उपलब्ध सभी QR कोड एक निर्धारित तारीख को बँक द्वारा निरस्त किये जायेंगे | इससे सरकार द्वारा दी जाने वाली सारी राशी का आंकलन सही तरीके से हो जायेगा | ऐसे अनेक उदाहरण हम देख सकते है | पर बहोत जलद ये प्रणाली शुरू हो जायेगी और सरकारी सभी योजनाओ के लिये कार्यान्वित की जायेगी | सरकार द्वारा चलाई जाने वाली योजना सही तरिकी से चलेगी ऐसा सरकार का एक अच्छा उद्देश है | शिक्षा और सरकारी अनाज प्रणाली में ये RUPI QR कोड बहोत ज्यादा लाभकारी साबित होंगे | सरकार गरीब लोगो को जो अनाज सार्वजानिक वितरण प्रणाली से वितरित करती है | वह अनाज कभी कभी एकदम ही ख़राब होता है | दर्जाहीन होता है गरीब लोग कुछ नही कहते और हमेशा की तरह घर ले जाते है | पर सरकार द्वारा यदी QR कोड्स इस प्रणाली के लिए वितरित किये जायेगे तो लोग अपने हिसाब से अछे तरीके का अनाज दुकान से खरीद पाएंगे अछे दर्जे का अनाज सही दामो पर बिक्री होगा | सरकार को भी उस बिक्री से GST मिलेगा | यदी किसी नागरिक को उस माह में चावल नही चाहिए तो उस कूपन QR कोड से वो गेहू और दाल भी खरीद सकेगा | सरकार यदी पैसा अनाज के लिए भेज रही है तो वो नागरिक ठहरा सकेगा की उसे कोनसा अनाज खाना है | मगर कपन से नागरिक केवल अनाज ही खरीद पायेगा | यदी सरकार शिक्षा में ये QR कोड को लागु करती है की सरकारी शालाओ में पढ़ने वाले बच्चो को किताबे और यूनिफार्म खरीदने के लिए पैसे दिए जाते है तो उसके QR कोड बच्चे के माता पिता के मोबाइल पर भेज दिए जायेगे और पैरेंट्स कपडे के दुकान में जाकर कोड स्कैन करकर बच्चे के यूनिफार्म खरीद लेंगे | इसलिए सरकार के इस योजना का सभी स्तर से स्वागत ही होगा |
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